Newly Built Parliament House : PM मोदी 28 मई को नवनिर्मित संसद भवन राष्ट्र को करेंगे समर्पित  

 Newly Built Parliament House : PM मोदी 28 मई को नवनिर्मित संसद भवन राष्ट्र को करेंगे समर्पित  
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Newly Built Parliament House : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई 2023 को राष्ट्रीय राजधानी में नवनिर्मित संसद भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कल प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन्हें नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया।
Newly Built Parliament House :
नए संसद भवन का निर्माण कार्य हुआ पूरा

गौरतलब हो, नए संसद भवन का निर्माण अब पूरा हो गया है। नया भवन आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है।

100 साल पुराना होने जा रहा संसद का वर्तमान भवन

संसद के वर्तमान भवन का निर्माण 1927 में पूरा हुआ था, जो अब लगभग 100 वर्ष पुराना होने जा रहा है। इस भवन में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप स्थान की कमी महसूस की जा रही था। दोनों सदनों में सांसदों के बैठने की सुविधाजनक व्यवस्था का भी अभाव था जिससे सदस्यों की कार्यकुशलता प्रभावित हो रही थी।

PM मोदी ने संसद के नए भवन की रखी आधारशिला

इस मुद्दों पर विचार करते हुए, लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने प्रस्ताव पारित कर सरकार से संसद के लिए एक नई इमारत बनाने का आग्रह किया। नतीजतन, 10 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी द्वारा संसद के नए भवन की आधारशिला रखी गई।

याद हो, इससे पहले मार्च महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं नए संसद भवन के औचक निरिक्षण दौरे पर पहुंचे थे। उस समय उन्होंने आगामी संसद परिसर में करीब एक घंटे से अधिक समय बिताया था और विभिन्न कार्यों में लगे श्रमिकों से भी बातचीत की थी।

वर्षों से एक नए संसद भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी

दिसंबर 2020 में जब पीएम मोदी ने संसद के नए भवन की आधारशिला रखी तो कहा था “वर्षों से एक नए संसद भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। 21वीं सदी के भारत को एक नए संसद परिसर की जरूरत है। पुराने भवन ने देश की जरूरतों को पूरा किया, नया संसद भवन देश की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।”

अमृत काल में देश को मिलेगा नया संसद भवन

ऐसे में अब यह नवनिर्मित संसद भवन गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार है और अब वो दिन भी दूर नहीं जब PM मोदी इस नवनिर्मित संसद भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रत्येक भारतीय को गर्व होना चाहिए कि अमृत काल में हमें नया संसद भवन मिलने जा रहा है। यह इतिहास बनने के हम सभी साक्षी होंगे।

कैसा है हमारा पुराना संसद भवन ?

पुराना विशाल संसद भवन करीब छह एकड़ क्षेत्र में बना है और यह दुनिया के विभिन्न देशों के सबसे विशिष्ट संसद भवनों में से एक है। 144 मजबूत स्तंभों पर टिका वर्तमान संसद भवन करीब 100 साल पहले अंग्रेजों ने बनवाया था। अगर पुराने संसद भवन की स्थापना के बारे में बात करें तो… संसद भवन की आधारशिला 12 फरवरी, 1921 को तब के महामहिम द ड्यूक ऑफ कनॉट ने रखी थी।
पुराने संसद भवन के निर्माण में करीब छह वर्ष लगे और इसका उद्घाटन भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड इरविन ने 18 जनवरी, 1927 को किया। उस समय इसके निर्माण पर 83 लाख रुपये की लागत आई। करीब 95 साल पुराने इस भवन के निर्माण के बाद दुनिया बहुत बदल चुकी है। जहां संसद के सदस्यों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा वेंटीलेशन सिस्टम, इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम, ऑडियो-वीडियो सिस्टम जैसी कई चीजों में सुधार की जरूरत है। इसके अलावा मौजूदा संसद भवन भूकंप रोधी भी नहीं है। ऐसे में सरकार ने नया संसद भवन बनाने का फैसला लिया।

कैसा है नया संसद भवन ?

नए संसद भवन में अगर सांसदों के बैठने की व्यवस्था की बात करें तो लोकसभा में सीटों की संख्या 888 की गई हैं। वहीं पुरानी लोकसभा में 590 सदस्यों के बैठने की क्षमता है। जबकि राज्यसभा में सदस्यों के बैठने की क्षमता 280 से बढ़कर 384 की गई है। यानी संयुक्त सत्र के दौरान नई संसद भवन में 1,272 से ज्यादा सांसद बैठ सकेंगे। इसके अलावा नए संसद भवन की दर्शक दीर्घा गैलरी में 336 लोगों के बैठने का प्रबंध होगा।

 
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