Mosquito : कॉइल और लिक्विड से सावधान, मच्छरों और बीमारियों से बचने के लिए करें मच्छरदानी का इस्तेमाल

 Mosquito : कॉइल और लिक्विड से सावधान, मच्छरों और बीमारियों से बचने के लिए करें मच्छरदानी का इस्तेमाल

Mosquito : Use mosquito nets to avoid mosquitoes and diseases

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Mosquito :  हम अपनी थोड़ी सुविधा के लिए अपने स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पहुंचा रहे हैं। हम खतरे को जानते हुए भी मच्छरों से बचने के लिए कॉइल और लिक्विड और क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। ये मच्छरों से हमारी सुरक्षा तो करते हैं, लेकिन कई तरह की बीमारियों को जन्म भी देते हैं। आइये जानते हैं मच्छर मारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कॉइल कितने खतरनाक होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मच्छरों और उससे होने वाली बीमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए।

Mosquito :

कॉइल के नुकसान के बाबत जानकारी देने से पहले आइये जान लें कि यह कैसे बनती है। दरअसल मच्छर भगाने वाली ऐसी कॉइल में डीडीटी, कार्बन-फास्फोरस और अन्य खतरनाक तत्वों का समावेश रहता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। मच्छर भगाने के ये सभी उपाय 2 से 4 घंटे तक ही प्रभावी रहते हैं और बीमारी का कारण बन जाते हैं। हाल ही में सामने आई एक रिसर्च में पता चला है कि एक कॉइल 100 सिगरेट के बराबर खतरनाक है। इसमें से करीब पीएम 2.5 धुआं निकलता है, जो बहुत ज्यादा है। इससे भले ही तंबाकू का धुआं नहीं निकलता हो, लेकिन इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक हैं। मच्छर मारने वाली कॉइल में से बेंजो पायरेंस, बेंजो फ्लूओरोथेन जैसे तत्व निकलते हैं। इसके साथ ही मच्छर मारने वाली ये कॉइल आपके शरीर को और भी नुकसान पहुंचाती है।

लगातार कॉइल के धुएं में रहने से सांस लेने में दिक्कत होना शुरू हो जाती है। इसके ज्यादा संपर्क से फेफड़ों पर भी असर पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर कोई ज्यादा समय कॉइल की धुआं में सांस लेता है तो उसे अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है। यह बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है, इसे बच्चों से दूर रखना चाहिए। कॉइल से निकलने वाले धुएं से ना सिर्फ सांस लेने की दिक्कत होती है, बल्कि इससे स्किन और आंखों पर भी असर पड़ता है। इससे आंखों में जलन होना आदि समस्याएं होने लगती हैं। इसी के साथ मच्छर भगाने के लिए बाज़ार में कुछ अन्य पदार्थ भी मौजूद हैं, उनके भी सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं, जिनमें लिक्विड व क्रीम भी शामिल हैं।

Mosquito Coil
Mosquito Coil

आइये जानते हैं कि मच्छर भगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लिक्विड में ऐसा क्या होता है, जो आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। दरअसल, मच्छर भगाने वाली लिक्विड में कुछ ऐसे पदार्थ होते है, जो सांस के साथ अंदर जाते हैं और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं। इस लिक्विड में एलेथ्रिन और एयरोसोल का मिश्रण होता है। बोतल के सिर में एक कार्बन इलेक्ट्रोड रॉड डाली जाती है। जब फिलामेंट गर्म हो जाता है तो इलेक्ट्रोड रॉड का तापमान बढ़ने तगता है। इसके बाद यह गर्म होकर हवा में खुलता है और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाता है। इससे गले में दर्द और सिर दर्द की शिकायत रहती है।
इसमें से निकलने वाला धुंआ शरीर में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे सांस लेने में भी दिक्कत आती है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि मॉस्किटो किलर का कम-से-कम इस्तेमाल करना चाहिए। ख़ासतौर पर छोटे बच्चों के लिए इसका इस्तेमाल न करके मच्छरदानी का उपयोग कर सकते हैं।

मच्छरों से बचने के लिए कुछ लोग शरीर पर क्रीम भी लगाते हैं। ये क्रीम हमें मच्छरों से तो बचा सकती है, लेकिन इसके स्किन पर साइफ इफेक्ट्स भी हैं। मच्छरों से निजात पाने के लिए लगाईं जाने वाली यह क्रीम त्वचा पर भी काफी प्रभाव डालती है। इस क्रीम में पाए जाने वाले रसायन हमारी त्वचा पर इन्फेक्शन भी कर सकते हैं। मॉस्किटो रिपेलेंट में DEET होता है, जो ज्यादातर उपयोग करने के लिए सुरक्षित होता है, लेकिन इसमें मौजूद रसायनों का लगातार उपयोग करने से त्वचा और शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

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