Ghaziabad News : मंदिरों में ड्रेस कोड लागू करने से मंदिरों की गरिमा बनी रहेगी

 Ghaziabad News : मंदिरों में ड्रेस कोड लागू करने से मंदिरों की गरिमा बनी रहेगी

Ghaziabad News : By implementing dress code in temples, the dignity of temples will be maintained

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Ghaziabad News :  कई शहरों के बाद गाजियाबाद के मंदिरों में भी ड्रेस कोड लागू हो गया है। इसकी शुरूआत संजयनगर स्थित हनुमान मंदिर से हुई है। मंदिर के संस्थापक वी के अग्रवाल ने बताया कि मंदिरों में आने वाले भक्तों से पूर्ण परिधान में ही आने की अपील की है। अपील के बोर्ड मंदिर के मुख्य द्वार के अलावा मंदिर के अंदर भी लगाए गए हैं, जिसके बाद लोगों में यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है।

Ghaziabad News :

Temple priest Pandit Satendra Tiwari

 

मंदिर के पुजारी पंडित सतेंद्र तिवारी का कहना है कि मंदिर में कई युवा आधे-अधूरे परिधान में पूजा करने आ जाते हैं। भक्त इसका विरोध करते हैं तो विवाद हो जाता है। विवाद ना हो और मंदिर की गरिमा बनी रहेए इसके लिए ही ड्रेस कोड लागू कर पूरे परिधान ही पहनकर आने की अपील की जा रही है।

 

 

Mamta

 

मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाली ममता ने कहा कि पूजा स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड लागू करना सही कदम है। कई युवा परिधान तो उल्टे.सीधे पहनकर आते ही हैंए साथ ही वे ऐसी हरकत भी करते हैं जिससे अन्य भक्तों को असुविधा होती है। ड्रेस कोड लागू होने से इस सब पर अंकुश लगेगा।

 

Shivani

शिवानी ने कहा कि प्राचीन समय से ही यह कहा जाता रहा है कि जैसा देश वैसा भेष। यानि हम जहां जा रहे हैं, उसी के अनुसार परिधान पहनने चाहिए। मंदिर में हम पूजा-अर्चना करने जाते हैं। अतः मंदिर में सभी को ऐसे परिधान पहनकर आना चाहिए कि किसी की भी पूजा में किसी प्रकार का व्यवधान ना हो।

 

 

Bhawna Chauhan.

वहीं भावना चौहान का कहना है कि युवाओं को इस बात ध्यान रखना चाहिए कि मंदिर में हम पूजा.अर्चना के लिए जा रहे हैं ना कि फैशन परेड में भाग लेने जा रहे हैं। अन्य स्थानों पर भले ही स्कर्टए निकर जैसे परिधान पहनें, मगर मंदिर जाते समय वहां की गरिमा का ध्यान रखना होगा। इसके लिए मंदिर पूरे परिधान खासकर भारतीय परिधान में ही जाना चाहिए ताकि श्रद्धभाव से पूजा.अर्चना की जा सके।

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